दुर्ग में बच्चों के विवाद ने लिया हिंसक रूप, दो पक्षों में जमकर पथराव
दुर्ग जिले| के गफ्फार मोहल्ला क्षेत्र में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प की बड़ी घटना सामने आई है. बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत शारदापारा इलाके में बच्चों के बीच हुए एक मामूली झगड़े से हुई, लेकिन देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और जमकर पत्थरबाजी होने लगी. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन तनाव अभी भी बना हुआ है|
दुर्ग में दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प
दरअसल गफ्फार मोहल्ले में घटना की सूचना मिलते ही छावनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन उग्र भीड़ ने पुलिस को भी निशाना बनाया। पत्थरबाजी की चपेट में आने से सीएसपी छावनी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. हालात को काबू में करने के लिए प्रशासन को भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा. मौके पर दो एएसपी, 12 थाना प्रभारी और 300 से अधिक पुलिस जवानों को भेजा गया, जिसके बाद पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया|
इलाके में अभी तनाव का माहौल
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन तनाव अभी भी बना हुआ है. स्थानीय व्यक्ति अमित मंगल ने बताया कि इस विवाद के पीछे दो दिन पहले की एक घटना भी वजह हो सकती है. आरोप है कि एक युवक दूसरे समुदाय की युवती को अपने साथ ले गया था, जिसके बाद पुलिस ने युवती को बरामद कर युवक के खिलाफ दुष्कर्म की धारा 376 के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया. इसके बाद से ही इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ था, जो बच्चों के विवाद के बाद हिंसा में बदल गया|
करणी सेना ने साजिश का लगाया आरोप
करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने आरोप लगाया कि यह सुनियोजित साजिश थी और एक पक्ष को निशाना बनाया गया. उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए|
दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी – SSP मणिशंकर चंद्रा
घटना के बाद देर रात छावनी थाने के बाहर कुछ संगठनों ने विरोध प्रदर्शन भी किया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की. एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और हालात पर नजर रखी जा रही है|
Berasia में 2 साल से खुदी सड़कें, देरी पर भड़का गुस्सा
Awadhesh Pratap Singh University में रामायण और बघेली शोधपीठ स्थापित होगी
बलरामपुर में प्रधानमंत्री आवास और मनरेगा में बड़ा घोटाला
किसान का 84 क्विंटल बकाया धान खरीदने के निर्देश
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की सख्ती, फायर स्टेशनों की कमी पर चिंता
Mauganj में संबल योजना में ‘मौत का मुनाफा’, गरीबों के हक पर डाका
अमेरिका में ब्याज दरें जस की तस, Federal Reserve ने नहीं किया कोई बदलाव
